किरंदुल :- नन्ही श्रद्धा, अटूट विश्वास: आराध्या ने एक साल की पॉकेट मनी प्रभु श्रीराम को समर्पित की।

जिस उम्र में बच्चे खिलौनों का सपना देखते हैं, उस उम्र में बेटी ने दिखाया भक्ति का अनमोल उदाहरण

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल से आस्था और संस्कारों की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां एक छोटी सी बच्ची ने प्रभु श्रीराम के प्रति अपने अटूट प्रेम और विश्वास का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने सभी का दिल छू लिया। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर और श्रीराम नवमी की तैयारियों के बीच बीआईओपी स्कूल की कक्षा 7वीं की छात्रा आराध्या सरकार ने अपनी एक साल की पॉकेट मनी भगवान श्रीराम के चरणों में समर्पित कर दी। 
किरंदुल में हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीराम नवमी पर भव्य शोभायात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें इस बार काशी विश्वनाथ धाम से मां दुर्गा की नौ आकर्षक झांकियां मंगाई गई हैं। इसी आयोजन को सफल बनाने के लिए जब समिति द्वारा जनसहयोग लिया जा रहा था, तभी आराध्या की श्रद्धा ने सभी को भावुक कर दिया। आराध्या ने पूरे एक साल तक अपनी पॉकेट मनी एक मिट्टी के गुल्लक में जमा की, जिस पर उसने “श्रीराम” लिख रखा था। जब गुल्लक खोला गया तो उसमें से 8,372 रुपये निकले, जिसे उसने स्वयं आगे बढ़कर आयोजन समिति को भेंट कर दिया।

हैरानी की बात यह रही कि उसके परिवार को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह अपने छोटे-छोटे खर्चों से बचत कर रही है, वो भी केवल प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी भक्ति के लिए। आराध्या ने बताया, “पिछले साल मैं श्रीराम नवमी में शिव तांडव की झांकी देखने गई थी, तभी से मन में था कि अगले साल मैं भी कुछ सहयोग करूंगी। आज बहुत खुशी हो रही है कि मेरे पैसे इस आयोजन में काम आ रहे हैं।”

वहीं स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाहक डॉ. रामकृष्ण बैरागी ने इसे सनातन परंपरा की जीवंत मिसाल बताते हुए कहा कि ऐसे संस्कार ही भारत की संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते हैं। नन्ही आराध्या की यह पहल केवल एक दान नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सच्ची श्रद्धा उम्र की मोहताज नहीं होती। जिस उम्र में बच्चे आधुनिक वस्तुओं की चाहत रखते हैं, उस उम्र में इस बच्ची का प्रभु श्रीराम के प्रति प्रेम और समर्पण यह साबित करता है कि सनातन संस्कृति की जड़ें आज भी उतनी ही गहरी और मजबूत हैं।

वाकई, जब देश का भविष्य ऐसे संस्कारों से सजा हो, तो हमारी संस्कृति और परंपरा सदैव जीवित और प्रखर बनी रहेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post