दंतेवाड़ा:- टपकती छत से पक्के आशियाने तक: प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली अनिता की जिंदगी।

माता-पिता के निधन के बाद भाई-बहनों की जिम्मेदारी संभालने वाली अनिता को मिला सुरक्षित घर, संघर्षों के बीच जगी नई उम्मीद। 

दंतेवाड़ा, 12 मई 2026।
जिले के विकासखंड दंतेवाड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कमालूर की रहने वाली 28 वर्षीय सुश्री अनिता पेड़ो की जिंदगी कभी संघर्ष, गरीबी और असुरक्षा से घिरी हुई थी। कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो छोटे भाइयों और दो बहनों के पालन-पोषण के लिए अनिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का गुजारा करती थीं।
आर्थिक तंगी इतनी अधिक थी कि परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। उनका परिवार एक कच्चे छप्परनुमा घर में रहता था, जहां हर बारिश के मौसम में टपकती छत और जर्जर दीवारें डर और चिंता का कारण बन जाती थीं। बरसात से पहले छप्पर की मरम्मत कराना जरूरी होता था, लेकिन सीमित आय के कारण यह भी संभव नहीं हो पाता था।
इन कठिन परिस्थितियों के बीच अनिता लगातार पंचायत से आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग करती रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत और उम्मीद रंग लाई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनका चयन हुआ। शासन द्वारा स्वीकृत 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ।
आज अनिता अपने पूरे परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में जीवन बिता रही हैं। वे बताती हैं कि पहले बारिश का मौसम उनके लिए भय और परेशानी लेकर आता था, लेकिन अब पक्के घर में रहने से परिवार को सुरक्षा और सुकून मिला है।
अनिता ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना उनके जैसे गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कभी कच्ची छत के नीचे असुरक्षित जीवन जीने वाला उनका परिवार आज आत्मसम्मान और विश्वास के साथ पक्के घर में रह रहा है।
अनिता की यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि संघर्षों से जूझते एक परिवार को सुरक्षित भविष्य, सम्मानजनक जीवन और नई उम्मीद मिलने की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

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