भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए नहीं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, समाजसेवी प्रवेश जोशी ने कलेक्टर से की तत्काल RO प्लांट लगाने की मांग।
किरन्दुल, दंतेवाड़ा।
देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले बैलाडीला क्षेत्र की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। एशिया के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक क्षेत्रों में शामिल बैलाडीला से हर साल सरकार को करोड़ों-अरबों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र के किरन्दुल बस स्टैंड में यात्रियों के लिए पीने के साफ पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी के बीच यहां आने-जाने वाले लोग बूंद-बूंद शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं।
सुबह 3 बजे से रात 11:30 बजे तक बसों की आवाजाही, लेकिन पानी का इंतजाम शून्य
किरन्दुल बस स्टैंड क्षेत्रीय आवागमन का प्रमुख केंद्र है, जहां सुबह तड़के 3 बजे से लेकर रात 11:30 बजे तक लगातार बसों का आवागमन बना रहता है। बैलाडीला क्षेत्र में चल रहे बड़े निजी निर्माण कार्यों और कंपनियों की गतिविधियों के कारण यहां की आबादी भी तेजी से बढ़ी है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर, कर्मचारी और यात्री इस बस स्टैंड से होकर गुजरते हैं, लेकिन प्यास बुझाने के लिए यहां कोई समुचित व्यवस्था मौजूद नहीं है।
बस स्टैंड परिसर में न तो चालू बोरिंग है, न ही कार्यरत वॉटर कूलर और न ही कोई RO सिस्टम। गर्मी से बेहाल यात्रियों को मजबूरी में इधर-उधर पानी तलाशना पड़ रहा है।
जर्जर वॉटर कूलर बना बीमारी का खतरा
बस स्टैंड परिसर में लगा पुराना वॉटर कूलर अब उपयोग के लायक नहीं बचा है। जंग लगी मशीन, काई जमी ट्रे और आसपास फैली गंदगी प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजबूरी में दूषित पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड और पेट संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं हाई बीपी और अन्य बीमारियों से पीड़ित यात्रियों के लिए यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।
समाजसेवी प्रवेश जोशी ने कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग
इस गंभीर समस्या को लेकर समाजसेवी प्रवेश जोशी ने जिला कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश को करोड़ों का राजस्व देने वाली इस भूमि के नागरिकों को पीने का साफ पानी तक न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किरन्दुल में कार्यरत बड़ी निजी कंपनियों के CSR फंड के माध्यम से बस स्टैंड परिसर में अत्याधुनिक RO+UV आधारित हाइजीनिक वॉटर फिल्टर प्लांट और पेयजल बूथ स्थापित किया जाए।
जनहित में उठाई गई प्रमुख मांगें
बस स्टैंड परिसर में तत्काल RO+UV वॉटर फिल्टर प्लांट लगाया जाए।
निजी कंपनियों के CSR फंड का उपयोग कर आधुनिक पेयजल बूथ बनाया जाए।
पेयजल व्यवस्था के नियमित रखरखाव के लिए जिम्मेदारी तय हो।
शिकायत और मेंटेनेंस हेतु हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए।
समाजसेवी प्रवेश जोशी ने विश्वास जताया है कि जिला प्रशासन जल्द इस जनसमस्या पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और मजदूर परिवारों को राहत मिल सकेगी।
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