गीदम निवासी ओमप्रकाश सोनी की दूसरी पुस्तक अमेजन पर उपलब्ध।
दंतेवाड़ा/बस्तर। बस्तर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत पर गहन अध्ययन करने वाले लेखक श्री ओमप्रकाश सोनी की दूसरी पुस्तक “चक्रकोट की माणिक्य देवी — बस्तर में एक शक्तिपीठ” अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Amazon पर उपलब्ध हो गई है।
यह पुस्तक बस्तर के प्राचीन चक्रकोट क्षेत्र में प्रतिष्ठित माणिक्य देवी (माणिकेश्वरी देवी) के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को प्रमाणिक साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत करती है।
प्राचीन शक्तिपीठ का ऐतिहासिक आधार
पुस्तक में उल्लेखित है कि चक्रकोट (वर्तमान बस्तर) के छिंदक नागवंशी राजाओं तथा काकतीय राजवंश के शिलालेखों और ताम्रपत्रों में माणिक्य देवी का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।
इन अभिलेखों के आधार पर माणिक्य देवी को बस्तर का एक प्राचीन शक्तिपीठ माना गया है।
इतिहास के विभिन्न कालखंडों में देवी की व्यापक मान्यता केवल बस्तर तक सीमित नहीं रही, बल्कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक तक फैली हुई थी।
अनेक राजवंशों की आराध्या देवी
लेखक ने अपने शोध में यह दर्शाया है कि नल, छिन्दक, पूर्वी चालुक्य, गंग वंश, काकतीय और होयसल जैसे प्रतिष्ठित राजवंशों में भी माणिक्य देवी की विशेष मान्यता थी।
इन राजवंशों के अभिलेखों, शिलालेखों और ताम्रपत्रों में देवी से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध हैं, जो चक्रकोट (बस्तर) की धार्मिक महत्ता को पुष्ट करते हैं।
पुस्तक की विशेषताएँ
लगभग 100 पृष्ठों में तैयार इस शोधपरक पुस्तक में शामिल हैं:
शक्तिपीठ का ऐतिहासिक विश्लेषण
प्राचीन मूर्तिशिल्प और स्थापत्य कला
शिलालेखों व ताम्रपत्रों के संदर्भ
देवी स्तुति श्लोक
राजवंशीय वंशावली
लोक परम्पराएँ, तीज-त्योहार एवं धार्मिक अनुष्ठान
यह पुस्तक इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और आस्था के समन्वित अध्ययन का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जा रही है।
बस्तर की धरोहरों पर सतत शोध
श्री ओमप्रकाश सोनी इससे पूर्व भी बस्तर की ऐतिहासिक धरोहरों पर सूक्ष्म और गहन अध्ययन आधारित पुस्तकें लिख चुके हैं। जिसमें बस्तर की विरासत बारसूर,बस्तर सम्राज्ञी माँ दंतेश्वरी प्रचलित है उनका उद्देश्य स्थानीय इतिहास को प्रमाणिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।
बस्तर की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अब उपलब्ध:
पुस्तक “चक्रकोट की माणिक्य देवी — बस्तर में एक शक्तिपीठ” ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Amazon पर खरीद के लिए उपलब्ध है।
यह कृति निश्चित रूप से बस्तर के इतिहास और आस्था में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए संग्रहणीय सिद्ध होगी।
समाज ने दी बधाइयाँ
श्री ओमप्रकाश सोनी की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सोनी समाज के लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। समाजजनों ने कहा कि उनकी यह कृति न केवल बस्तर के इतिहास को नई पहचान देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करेगी।
समाज के वरिष्ठजनों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वे आगे भी बस्तर की ऐतिहासिक धरोहरों पर इसी तरह शोधपूर्ण पुस्तकें लिखते रहेंगे।
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