“पूना मारगेम” का असर—40 घातक हथियार बरामद, माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को बड़ा झटका
दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक अहम सफलता मिली है। पुलिस लाइन कारली में आयोजित आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 5 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में वापसी की। इनमें 4 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम सोमे कड़ती (5 लाख) सहित पार्टी सदस्य लखमा ओयाम, सरिता पोडियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम (प्रत्येक 1 लाख) शामिल हैं। इन कैडरों ने माओवादी संगठन की विचारधारा को निरर्थक बताते हुए शांति और सामाजिक जीवन को अपनाने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। बरामद हथियारों में 8 एसएलआर रायफल, 3 इंसास रायफल, 1 कारबाइन, 1 .303 रायफल और 5 बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 40 घातक हथियार शामिल हैं। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे माओवादी संगठन की सैन्य ताकत को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
जिले में संचालित “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान का सकारात्मक प्रभाव लगातार सामने आ रहा है। वर्ष 2024 से अब तक 607 माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं संयुक्त अभियानों में 92 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 54 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
यह कार्यक्रम बस्तर रेंज के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ, जिसमें आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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