गड्ढे में सड़क या सड़क में गड्ढा? बचेली का गौरवपथ बना 'मौत का पथ' ?

बरसात में हर गड्ढा बना जानलेवा जाल, लोकनिर्माण विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप—क्या बड़े हादसे का इंतजार?
बचेली। जिस सड़क को नगर का 'गौरवपथ' कहा जाता है, आज वही शहर की सबसे बड़ी बदहाली की पहचान बनती जा रही है। गौरवपथ पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने राहगीरों का सफर खतरे से भर दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों के बीच अब सवाल उठने लगा है—"गड्ढे में सड़क है या सड़क में गड्ढा?"

बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद नहीं टूट रही।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोकनिर्माण विभाग (PWD) सड़कों की समय पर मरम्मत कराने के बजाय केवल कागजी काम और ठेकेदारी व्यवस्था तक सीमित होकर रह गया है। यदि सड़क की नियमित देखरेख होती, तो नागरिकों की जान जोखिम में नहीं पड़ती।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी गौरवपथ से रोजाना प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोग गुजरते हैं, फिर भी सड़क की जर्जर स्थिति पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती। इससे आम जनता में गहरा आक्रोश है।

अब बड़ा सवाल यही है—क्या प्रशासन और लोकनिर्माण विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेंगे, या फिर समय रहते गौरवपथ को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे?

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