किरंदुल :- बेटी के जन्मदिन पर सेवा का संकल्प, स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों के चेहरे पर बिखेरी मुस्कान।

किरंदुल में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर समाजसेवी प्रवेश जोशी की अनोखी पहल। 

बेटी के प्रथम जन्मदिवस की खुशी 45 स्कूली बच्चों के साथ बांटी, स्टेशनरी सामग्री भेंट कर शिक्षा के प्रति बढ़ाया उत्साह। 

किरंदुल। देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इसी बीच किरंदुल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेवा, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश करने वाली एक प्रेरणादायक पहल सामने आई।
समाजसेवी श्री प्रवेश जोशी ने अपनी पुत्री कुमारी अनिक जोशी के प्रथम जन्मदिवस, 16 अगस्त, की खुशी को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त को शासकीय प्राथमिक शाला कोडनार क्रमांक-1 के 45 विद्यार्थियों को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित विभिन्न स्टेशनरी सामग्री उपहार स्वरूप वितरित की।

उपहार पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे
विद्यालय परिसर में आयोजित इस छोटे लेकिन भावनात्मक कार्यक्रम में बच्चों को स्टेशनरी सामग्री प्रदान की गई। उपहार मिलते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का सहयोग बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी पैदा करता है।

“बेटी की खुशी बच्चों के साथ बांटना चाहता था”
श्री प्रवेश जोशी ने कहा कि अपनी बेटी के जन्मदिवस की खुशी को समाज के बच्चों के साथ साझा करने का विचार उन्हें विशेष रूप से अच्छा लगा। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी के जन्मदिवस की खुशी मैं उन बच्चों के साथ बांटना चाहता था, जिन्हें हमारा छोटा सा प्रोत्साहन भी बड़ी प्रेरणा दे सकता है। शिक्षा सबसे पहले है। मेरा प्रयास रहेगा कि किरंदुल क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों की समस्याएं और आवश्यकताएं शासन-प्रशासन तक लगातार पहुंचती रहें और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण व सुविधाएं मिल सकें।”

उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय के लिए यह उनका पहला सहयोग नहीं है। इससे पूर्व भी उन्होंने शाला की मूलभूत व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़ी आवश्यकताओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। विद्यालय प्रशासन ने जताया आभार शाला के प्रधानाध्यापक थेलेश ठाकुर ने श्री प्रवेश जोशी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के लोगों द्वारा किए जाने वाले ऐसे प्रयास बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं और उनमें शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बेटी के जन्मदिन की खुशी को स्कूली बच्चों के साथ साझा करने की इस पहल को नगरवासियों ने भी सराहा। लोगों का कहना है कि जब व्यक्तिगत खुशियां सामाजिक सेवा से जुड़ती हैं, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक और प्रेरणादायक होता है।

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