ओवरलोडिंग पर ट्रक मालिकों का बड़ा एक्शन, एमवी साइडिंग से लोडिंग ठप।

धर्मकांटा कैलिब्रेशन तक नहीं भरेंगे माल, जुर्माने की रकम भी बीटीओए ने चुकाई
किरंदुल :- 
बैलाडिला लौह अयस्क परियोजना किरंदुल में ओवरलोडिंग को लेकर ट्रक मालिकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। बैलाडिला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन (BTOA) ने बड़ा कदम उठाते हुए एमवी साइडिंग से ट्रकों की लोडिंग पूरी तरह बंद कर दी है।
एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक धर्मकांटा मशीन की सही कैलिब्रेशन कर प्रमाणित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी ट्रक में माल नहीं भरा जाएगा।
ओवरलोडिंग का खेल, ट्रक मालिकों पर सीधा वार
ट्रक मालिकों का आरोप है कि एनएमडीसी के कुछ कर्मचारियों, लौह अयस्क खरीदार कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों की मिलीभगत से ओवरलोडिंग का खेल चल रहा है। नियमों के अनुसार जहां एक ट्रक में 30 टन माल भरने की अनुमति है, वहीं 35 टन तक लौह अयस्क भर दिया जाता है, लेकिन तौल रसीद में सिर्फ 30 टन ही दर्ज किया जाता है।
इसका सीधा नुकसान ट्रक मालिकों और चालकों को उठाना पड़ता है —
अतिरिक्त ईंधन खर्च
वाहन की तेज़ी से खराबी
रास्ते में पकड़े जाने पर माइनिंग विभाग का भारी जुर्माना
लाखों का फायदा कंपनियों को, नुकसान ट्रक मालिकों को
ट्रक मालिकों का कहना है कि जब ओवरलोड माल सुरक्षित रूप से कंपनी के यार्ड तक पहुंच जाता है, तो खरीदार कंपनियों को लाखों रुपये का फायदा होता है, जबकि पूरा जोखिम ट्रक मालिकों को उठाना पड़ता है।
हाल ही में माइनिंग विभाग की कार्रवाई में लगाए गए जुर्माने की रकम भी बैलाडिला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन द्वारा अदा की गई, जिससे ट्रक मालिकों में भारी नाराजगी है।
साफ चेतावनी – पहले सही तौल, फिर लोडिंग
बीटीओए ने साफ चेतावनी दी है कि धर्मकांटा मशीन की पूरी जांच, कैलिब्रेशन और प्रमाणन के बाद ही लोडिंग शुरू की जाएगी। जब तक पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post