मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में दंतेवाड़ा कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन • सरकार की नीतियों को बताया जनविरोधी • बैरिकेड पार करने पर पुलिस-कार्यकर्ताओं में झूमा-झटकी

दंतेवाड़ा | 05 फरवरी 2026
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में परिवर्तन और नए नियम लागू किए जाने के विरोध में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा ने जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिलाध्यक्ष सलीम रजा उस्मानी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
रैली से पहले कार्यकर्ता दुर्गा मंडप (आंवराभाटा) में एकत्रित हुए, जहां आमसभा आयोजित कर भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। 

जिलाध्यक्ष सलीम रजा उस्मानी ने कहा कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना उसकी मूल भावना को कमजोर करना और राष्ट्रपिता की ऐतिहासिक विरासत का अपमान है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, लेकिन नए बदलावों से ग्रामीणों के हित प्रभावित होंगे।
पीसीसी संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा ने सरकार पर इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा करोड़ों गरीब मजदूरों की जीवनरेखा है और इसका नाम बदलना गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है। वहीं तूलिका कर्मा ने कहा कि यह केवल योजना का नाम बदलना नहीं, बल्कि गांधीवादी विचारों और गरीबों के हक को कमजोर करने की साजिश है, जिसे कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं करेगी।
सभा को जनपद उपाध्यक्ष भीमसेन मंडावी, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष कोपाराम, महिला कांग्रेस अध्यक्ष इंदिरा शर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष अनिल कर्मा सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। धरना के बाद कार्यकर्ताओं ने दुर्गा मंडप से रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय तक जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड पार करने की कोशिश पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झूमा-झटकी भी हुई।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक देवती कर्मा, वीरेंद्र गुप्ता, सुलोचना कर्मा समेत बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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