बचेली। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) इकाई बीआईओएम बचेली में 57वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया। 10 मार्च को आयोजित इस समारोह में एनएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक कोडाली श्रीधर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में CISF अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारजनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत परेड के साथ हुई, जिसमें CISF के जवानों ने अनुशासन और शौर्य का शानदार प्रदर्शन किया।
इसके बाद जवानों द्वारा विभिन्न सुरक्षा और आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को काफी प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर CISF के वरिष्ठ कमांडेंट आशीष कुमार ने सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि CISF देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों और राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जवानों की निष्ठा, अनुशासन और समर्पण की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि CISF की स्थापना 10 मार्च 1969 को भारत सरकार द्वारा देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई थी। आज CISF देश के हवाई अड्डों, मेट्रो सेवाओं, बंदरगाहों, बिजली संयंत्रों, सरकारी भवनों और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा का दायित्व निभा रहा है।
CISF की प्रमुख उपलब्धियाँ और पहलें भी रहीं चर्चा में
समारोह के दौरान CISF की विभिन्न उपलब्धियों और पहलों की भी जानकारी दी गई। देश के प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF निभा रहा है। आगामी पांच वर्षों में बल में करीब 91,790 पदों पर भर्ती की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा तटीय सुरक्षा को लेकर CISF द्वारा 28 जनवरी 2026 से 6,553 किलोमीटर लंबी “कोस्टल साइक्लोथॉन 2026” का आयोजन किया गया, जिसका समापन 22 फरवरी 2026 को कच्छ में हुआ।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी CISF लगातार आगे बढ़ रहा है। 2025 में कोच्चि में आयोजित प्रतियोगिता में CISF महिला बैंड ने स्वर्ण पदक हासिल कर बल का गौरव बढ़ाया।
वर्तमान समय में CISF 70 हवाई अड्डों सहित 368 से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा कर रहा है। खेलों के क्षेत्र में भी CISF के जवानों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 2025 विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में 64 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
शुरुआत में CISF में लगभग 3 हजार जवान थे, लेकिन समय के साथ यह बल लगातार मजबूत होता गया और आज इसमें 1.7 लाख से अधिक कर्मी देश की सेवा में तैनात हैं।
समारोह के अंत में राष्ट्र की सुरक्षा और सेवा के प्रति समर्पण का संकल्प दोहराते हुए CISF जवानों के उत्साह और जोश की सराहना की गई।
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