खेल मैदान में हेलीपेड निर्माण का विरोध, पेसा कानून के तहत विशेष अधिकारों के हनन का आरोप; जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

विरोध हैलीपेड का नहीं स्थान चयन का है पंचायत क्षेत्र के एकमात्र मैदान में ही स्थाई निर्माण क्यों ?


दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित स्थाई कॉन्क्रीट हेलीपेड निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर ग्राम पंचायत बड़े बचेली के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।

ग्राम पंचायत बड़े बचेली के सरपंच गोविंद कुंजाम, उपसरपंच महेश कुमार ठाकुर, विशाल कर्मा तथा ग्राम सभा अध्यक्ष पटेल बण्डाराम मंडावी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कलेक्टर से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंचायत क्षेत्र के एकमात्र खेल मैदान में स्थाई कॉन्क्रीट हेलीपेड का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है। बावजूद इसके प्रशासन द्वारा कार्य बंद नहीं किया गया और निर्माण कार्य जारी है, जिससे जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बीते दिनों पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने मनमानी किए जाने से नाराज होकर सामूहिक इस्तीफे की बात कही थी। 
जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन में उल्लेख किया कि ग्राम पंचायत बड़े बचेली, तहसील बड़े बचेली, जिला दंतेवाड़ा संविधान के अनुच्छेद 244 (1) के तहत अनुसूचित क्षेत्र में आता है। ऐसे क्षेत्रों में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996 (पेसा कानून) तथा छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 के तहत ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्रदान किए गए हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा विभिन्न कार्यों में ग्राम सभा की सलाह और सहमति के प्रावधानों को नजरअंदाज कर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे ग्राम सभा के विशेष अधिकारों का हनन बताया गया है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पंचायत क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर कार्य किए जा रहे हैं, जिससे गांव में अशांति का माहौल बन रहा है। जब इस संबंध में ग्राम के जनप्रतिनिधि शासन-प्रशासन से जानकारी लेने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि ग्रामसभा, सरपंच या पंचायत को जानकारी देना आवश्यक नहीं है।

 विरोध हेलीपेड का नहीं स्थान चयन का है। 

जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मांग की है कि खेल मैदान में बनाए जा रहे स्थाई कॉन्क्रीट हेलीपेड के निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान करते हुए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए, ताकि युवाओं के खेल मैदान को सुरक्षित रखा जा सके और पंचायत क्षेत्र में शांति बनी रहे।

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