गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर बचेली गुरुद्वारे में सेवा और समर्पण की मिसाल संगत द्वारा छबील लगाकर राहगीरों को पिलाया मीठा शरबत।

बचेली। सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर बचेली गुरुद्वारे में श्रद्धा, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति एवं संगत द्वारा छबील का आयोजन कर राहगीरों और श्रद्धालुओं को मीठा एवं शीतल जल वितरित किया गया।

गुरु अर्जन देव जी ने सन 1606 में धर्म और मानवता की रक्षा के लिए असहनीय यातनाएं सहते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी शहादत की स्मृति में सिख समाज द्वारा छबील लगाने की परंपरा निभाई जाती है, जो सेवा, समानता और प्रेम का संदेश देती है।

कार्यक्रम के दौरान संगत ने गुरु जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। छबील में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर शीतल शरबत परसादी वितरण किया गया तथा गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर सिख समाज के सुखविंदर सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, त्याग और ईश्वर की रजा में रहने की प्रेरणा देता है। छबील केवल प्यास बुझाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता और निष्काम सेवा का जीवंत संदेश है।

Post a Comment

Previous Post Next Post