दंतेवाड़ा:- 45 दिन की गैस रिफिलिंग बाध्यता से राहत की मांग, सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र।

दंतेवाड़ा, बचेली, किरंदुल, गीदम और बारसूर के हजारों उपभोक्ताओं की परेशानी का मुद्दा उठा — 25 दिन में दूसरा सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग। 

दंतेवाड़ा। जिले के शहरी क्षेत्रों में रसोई गैस सिलेंडर की रिफिलिंग अवधि 45 दिन होने से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर दंतेवाड़ा जिले में गैस सिलेंडर की रिफिलिंग अवधि 45 दिन से घटाकर 25 दिन करने की मांग की है।
सांसद ने अपने पत्र में बताया है कि दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा, गीदम, बचेली, किरंदुल और बारसूर सहित शहरी क्षेत्रों में संचालित गैस एजेंसियों में वर्तमान में 45 दिनों का रिफिलिंग अंतराल लागू है। जबकि प्रदेश के अन्य शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 25 दिन के अंतराल में दूसरा सिलेंडर उपलब्ध होने की व्यवस्था है।
एक सिलेंडर 25-30 दिन में खत्म, 45 दिन का अंतराल बना परेशानी

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सामान्य शहरी परिवारों में एक घरेलू गैस सिलेंडर औसतन 25 से 30 दिनों में समाप्त हो जाता है। ऐसे में 45 दिनों की बाध्यता के कारण उपभोक्ताओं को करीब 15 से 20 दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ता है। जरूरत के समय सिलेंडर नहीं मिलने से कई परिवारों को मजबूरी में महंगे दाम पर सिलेंडर लेने अथवा लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल करने की स्थिति बन जाती है।

इससे जहां आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ता है, वहीं लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
दंतेवाड़ा और गीदम में 26 हजार से अधिक गैस उपभोक्ता
कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा क्षेत्र में कुल 15,716 गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें 8,756 एपीएल और 6,960 बीपीएल उपभोक्ता शामिल हैं। वहीं गीदम क्षेत्र में कुल 10,601 उपभोक्ता हैं, जिनमें 3,740 एपीएल और 6,861 बीपीएल उपभोक्ता हैं।
इस प्रकार केवल दंतेवाड़ा और गीदम क्षेत्र में ही 26,317 गैस उपभोक्ता हैं। एपीएल उपभोक्ताओं द्वारा माह में एक बार अनिवार्य रूप से रिफिलिंग प्राप्त की जा रही है, लेकिन 45 दिनों के लंबे अंतराल के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार इसी मुद्दे को लेकर उपभोक्ताओं और गैस एजेंसी संचालकों के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है।

पहले भी प्रशासन ने उठाया था मुद्दा
गैस रिफिलिंग के अंतराल को कम करने की मांग को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पहले भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। कार्यालयीन ज्ञापन क्रमांक 295/खाद्य/2026 दिनांक 19 मार्च 2026 एवं 372/खाद्य/2026 दिनांक 17 अप्रैल 2026 के माध्यम से मंडल प्रबंधक, इंडियन ऑयल, रायपुर को इस समस्या की जानकारी दी गई थी।
उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए कलेक्टर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा द्वारा सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर को भी पत्र प्रेषित कर गैस रिफिलिंग का अंतराल 45 दिन से घटाकर 25 दिन करने का प्रस्ताव भेजा गया था।
अब सांसद ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप का किया आग्रह
जिला प्रशासन के प्रयासों के बाद अब बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस मुद्दे को केंद्रीय स्तर पर उठाते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

सांसद ने दंतेवाड़ा जिले की भौगोलिक, सामाजिक एवं स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित गैस कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी करने और यहां भी अन्य शहरी क्षेत्रों की तरह 25 दिन के अंतराल में गैस सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस संबंध में कलेक्टर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को भी सूचनार्थ पत्र की प्रतिलिपि प्रेषित की गई है।
यदि मांग मंजूर होती है तो दंतेवाड़ा जिले के हजारों घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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