इंस्टाग्राम रील बनी वन्यजीव अपराध का सबूत, बचेली वन विभाग की त्वरित कार्रवाई।
दंतेवाड़ा। जिले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के खुटेपाल गांव में संरक्षित वन्यजीव गोह (Indian Monitor Lizard) की हत्या कर उसका मांस खाने का मामला सामने आया है। तीन युवकों ने गोह को पकड़कर उसकी हत्या की और मांस का सेवन किया। इतना ही नहीं, पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उसे इंस्टाग्राम रील के रूप में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इसी रील के आधार पर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
वन विभाग की टीम ने 26 अगस्त 2026 की सुबह करीब 7 बजे कार्रवाई करते हुए खुटेपाल गांव से तीनों आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से गोह की हत्या में प्रयुक्त बताए गए 3 बण्डा और 2 धनुष जब्त किए गए हैं।
तीनों आरोपी वन विभाग की गिरफ्त में
वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुंगा पिता दुला, उम्र 30 वर्ष, कोसा ओयाम पिता आयतु, उम्र 39 वर्ष तथा नंदा राम ओयामी पिता सोमडू, उम्र 36 वर्ष, सभी निवासी खुटेपाल, कुआकोंडा, जिला दंतेवाड़ा के रूप में हुई है।
शेड्यूल-1 में संरक्षित है गोह
गौरतलब है कि गोह (Indian Monitor Lizard) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के शेड्यूल-1 में सूचीबद्ध संरक्षित प्रजाति है। ऐसे वन्यजीव का शिकार, हत्या, पकड़ना अथवा उससे जुड़े अवैध कृत्य गंभीर वन्यजीव अपराध की श्रेणी में आते हैं।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39(1)(घ), 3(क)(ख)(ग), 48(क), 50, 51, 52 तथा संशोधित अधिनियम 2022 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
सोशल मीडिया पोस्ट बनी कार्रवाई का आधार
बताया गया कि वन विभाग को इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई रील के माध्यम से घटना की जानकारी मिली। वीडियो में वन्यजीव गोह से संबंधित पूरा घटनाक्रम सामने आने के बाद विभाग ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। इसके बाद टीम ने आरोपियों को पकड़कर उनके पास से हथियार बरामद किए।
यह कार्रवाई बचेली वन परिक्षेत्र अधिकारी डॉ. प्रितेश पांडे के नेतृत्व में की गई। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित वन्यजीवों की हत्या या उनके मांस का सेवन गंभीर अपराध है। साथ ही वन्यजीव अपराध से जुड़े वीडियो या सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण का संदेश:
वन्यजीव हमारे जंगल और जैव विविधता की अमूल्य धरोहर हैं। संरक्षित प्रजातियों का शिकार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा है।
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