छू लो आसमान में गूंजा विज्ञान का उत्साह, बालिकाओं ने सीखे अंतरिक्ष विज्ञान के अद्भुत प्रयोग।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष सप्ताह का हुआ शुभारंभ कबाड़ से जुगाड़ के जरिए छात्राओं ने समझे विज्ञान के सिद्धांत क्विज में वाणी साहू ने मारी बाजी। 

दंतेवाड़ा, 13 अगस्त 2026। महान भारतीय वैज्ञानिक एवं अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती के उपलक्ष्य में जिला विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अंतरिक्ष सप्ताह का शुभारंभ ’’छू लो आसमान’’ (बालिका) संस्थान में उत्साह और उमंग के साथ किया गया। 12 से 18 अगस्त तक चलने वाले इस विशेष आयोजन के तहत छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक विज्ञान से रूबरू कराया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला विज्ञान केंद्र के प्रमुख उपेंद्र गौतम ने की। उन्होंने छात्राओं को डॉ. विक्रम साराभाई के जीवन, उनके संघर्ष, भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव और इसरो की स्थापना के साथ ही वर्तमान समय में अंतरिक्ष अनुसंधान की बढ़ती उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कबाड़ से जुगाड़ ने जगाई वैज्ञानिक सोच
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘कबाड़ से जुगाड़’ और लो-कॉस्ट साइंस किट्स के माध्यम से आयोजित साइंस डिमॉन्स्ट्रेशन लेक्चर रहा। विज्ञान केंद्र की टीम ने स्ट्रॉ, पानी की बोतल, धागे और पेंसिल जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के जरिए छात्राओं को ध्वनि की आवृत्ति, वायुदाब, द्रव घनत्व और सेंटर ऑफ ग्रेविटी जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिद्धांतों को बेहद सरल और रोचक तरीके से समझाया।
प्रयोगों को देखकर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। खेल-खेल में विज्ञान सीखने की इस पहल ने छात्राओं को यह समझने का अवसर दिया कि वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए हमेशा महंगे उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि जिज्ञासा और नवाचार से सामान्य वस्तुओं का उपयोग भी सीखने के प्रभावी माध्यम के रूप में किया जा सकता है।
अंतरिक्ष क्विज में वाणी साहू ने हासिल किया प्रथम स्थान

कार्यक्रम के अगले चरण में अंतरिक्ष विज्ञान, खगोलशास्त्र एवं चंद्रयान मिशनों पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें संस्थान की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में वाणी साहू ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता छात्रा वाणी साहू को 23 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर जिला विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में आमंत्रित कर पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किया जाएगा।

बालिकाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना जरूरी

संस्थान की प्रमुख श्रीमती रविंद्र सैनी ने जिला विज्ञान केंद्र की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयोगात्मक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम बालिकाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विज्ञान केंद्र की टीम के सदस्य दीकेश यादव एवं मंगलू पोडियाम सहित संस्थान के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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