आर्सेलर मित्तल निप्पोन स्टील की जनसुनवाई पर स्थानीय रोजगार, पर्यावरण सुरक्षा और बस्तर के अधिकारों को लेकर लगाए गंभीर आरोप।
जनसुनवाई में जेल में बंद कैदियों जैसा माहौल बनाकर सुनवाई का किया गया ढोंग।
किरंदुल / दंतेवाड़ा।
आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील (पूर्व एसार) की किरंदुल स्थित परियोजना के विस्तार को लेकर आयोजित जनसुनवाई पर जनता जोगी कांग्रेस (जे) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष सोनू मड़कामी ने कहा कि यह जनसुनवाई नहीं बल्कि “लोकलूट” है, जिसमें बस्तर के लोगों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। जनता जोगी कांग्रेस का आरोप है कि परियोजना के कारण नीर, नदी और नौकरी—तीनों का दोहन हो रहा है। शबरी नदी के जल का बड़े पैमाने पर औद्योगिक उपयोग किए जाने से क्षेत्र के किसान पानी से वंचित हो रहे हैं, जबकि रोजगार के नाम पर स्थानीय युवाओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
जनता जोगी कांग्रेस की प्रमुख मांगें
पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक पर्यावरण स्वीकृति का समर्थन नहीं किया जाएगा। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
प्रभावित ग्रामवासियों को कलेक्टर द्वारा हस्ताक्षरित सरकारी गारंटी पत्र सौंपा जाए।
प्लांट में गैर-तकनीकी पदों पर 100 प्रतिशत भर्ती स्थानीय लोगों से की जाए।
विशाखापट्टनम व हैदराबाद स्थित कंपनी के प्लांटों में बस्तर के लिए कम से कम 40 प्रतिशत रोजगार आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
सीएसआर और डीएमएफ की संपूर्ण राशि पूरी पारदर्शिता के साथ दंतेवाड़ा व सुकमा जिले के विकास पर ही खर्च की जाए।
प्लांट विस्तार से शबरी नदी के जल उपयोग में वृद्धि से किसानों को होने वाले नुकसान की सरकार लिखित गारंटी दे।
बस्तर में ही पेललेट प्लांट की स्थापना अथवा स्थानीय युवाओं के लिए स्थायी रोजगार की व्यवस्था की जाए।
पर्यावरण और टेलिंग डैम को लेकर चिंता
जनता जोगी कांग्रेस ने टेलिंग डैम को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि वर्ष 2005 में प्रस्तावित तीसरा टेलिंग डैम आज तक नहीं बनाया गया, जिससे रासायनिक अपशिष्ट के रिसाव का खतरा बढ़ गया है। इससे खेतों की उर्वरक क्षमता, भूमिगत जल और मानव जीवन पर गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
इसके अलावा वृक्षारोपण के निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं किए जाने और सीमित अवधि की पर्यावरणीय अनुमति के बावजूद टेलिंग डैम के उपयोग पर भी सवाल उठाए गए।
स्थानीय विकास की भी उठी मांग
पार्टी ने मांग की कि कंपनी बस्तर में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल, गुणवत्तापूर्ण स्कूल और तकनीकी शिक्षा संस्थान स्थापित करे, ताकि स्थानीय युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकें। साथ ही कंपनी का प्रशासनिक कार्यालय बस्तर संभाग मुख्यालय में खोले जाने की मांग भी रखी गई।
चेतावनी
जनता जोगी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय लोगों के अधिकारों, रोजगार और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिए गए, तो पार्टी प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेगी।
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