दंतेवाड़ा :- सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रशासन बना धृतराष्ट्र, धड़ल्ले से इस्तेमाल, कार्रवाई सिर्फ गरीबों पर।

दंतेवाड़ा में धड़ल्ले से इस्तेमाल, कार्रवाई सिर्फ गरीबों पर
दंतेवाड़ा।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का दंतेवाड़ा जिले में खुलेआम और बेखौफ होकर उपयोग किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखों पर पट्टी बांधे बैठे हैं। बाजारों, होटलों, ठेलों से लेकर बड़े दुकानों और मॉल तक प्लास्टिक की थैलियां और सामग्री धड़ल्ले से उपयोग में लाई जा रही हैं, फिर भी प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों तक ही सीमित नजर आती है।

बचेली में डेम रोड स्थित दुकानों वार्ड क्रमांक तीन स्थित दुकानों पुराना मार्किट पाल किराना के पास बड़ी बड़ी होलसेल शॉप में सिंगल यूज प्लास्टिक का धड़ल्ले से बड़े पैमाने में होलसेल में बिक्री हो रही इन्हीं से छोटे दुकानदार मॉल लेकर अपना व्यवसाय कर रहे है। 

पर्यावरण संरक्षण के नाम पर चल रही कार्रवाई महज खानापूर्ति बनकर रह गई है। सिंगल यूज प्लास्टिक से जहां पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है, वहीं कचरे में फेंकी गई प्लास्टिक को खाकर मवेशी अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद बड़े व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।

बड़े व्यापारी ‘सुरक्षित’, छोटे दुकानदार निशाने पर
जिन प्रतिष्ठानों का कारोबार लाखों में है, वे कार्रवाई से बचे हुए हैं। 

आमजन पूछ रहे हैं—
क्या नियम सिर्फ गरीबों के लिए बने हैं?
क्या बड़े व्यापारियों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
छत्तीसगढ़ में सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर नियम
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार प्लास्टिक कैरी बैग, थर्माकोल सामग्री, प्लास्टिक चम्मच-प्लेट, स्ट्रॉ सहित कई वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। नियम उल्लंघन पर जुर्माना, सामग्री जब्ती और लाइसेंस रद्द तक का प्रावधान है, लेकिन दंतेवाड़ा में नियम सिर्फ कागजों तक सिमटे नजर आ रहे हैं।

अब भी सवाल बरकरार

क्या प्रशासन बड़े व्यापारियों पर कार्रवाई करने का साहस दिखाएगा,या फिर सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सिर्फ आदेशों और फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा?

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