दंतेवाड़ा/गीदम।
भाजपा को व्यापारियों की हितैषी पार्टी कहा जाता है, लेकिन दंतेवाड़ा जिले के गीदम से सामने आई यह घटना उस छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता पर किराया मांगने गए दुकानदार के साथ मारपीट, गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं।
11 महीने का किराया बकाया, मांगने पर भड़के जिला अध्यक्ष
पीड़ित दुकानदार चांडकमल सोनी ने बताया कि उनके कॉम्प्लेक्स में भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता द्वारा एक रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा है। बीते 11 महीनों से किराया अदा नहीं किया गया। कई बार आग्रह के बाद जब पीड़ित स्वयं किराया मांगने उनके निवास पहुंचा, तो संतोष गुप्ता आगबबूला हो गए।
पीड़ित के अनुसार,“घर आकर पैसे मांगने की बेइज्जती की है”कहते हुए आरोपी ने कॉलर पकड़कर लात मारी, धक्का दिया, गालियां दीं और यहां तक धमकी दी कि
“किराया नहीं मिलेगा, दोबारा मांगा तो मरवा दूंगा।”
किसी तरह जान बचाकर पीड़ित वहां से भागा और घर पहुंचकर परिजनों व समाज के लोगों को पूरी घटना बताई।
थाने पहुंचे व्यापारी, सराफा संघ का समर्थन
घटना की जानकारी फैलते ही गीदम में व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में व्यापारी, दक्षिण बस्तर सराफा संघ के पदाधिकारी और सदस्य थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित आवेदन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा और छबिंद्र कर्मा भी व्यापारियों के साथ थाने पहुंचे।
आंदोलन की चेतावनी, पुलिस ने दर्ज की FIR
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बढ़ते दबाव और आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने संतोष गुप्ता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
पत्रकारों को धमकाने का भी आरोप
यह पहला मामला नहीं है। बीते माह संतोष गुप्ता पर एक पत्रकार को सच लिखने पर धमकाने का आरोप भी लग चुका है। इस मामले को लेकर जिलेभर के पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, जिससे उनकी कार्यशैली पहले ही सवालों के घेरे में है।
विधायक का बयान – मामला बेहद गंभीर
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक चैतराम अटामी ने कहा,
“यदि आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है। भाजपा जिला अध्यक्ष जैसे पद की गरिमा होती है। सीधे-साधे व्यापारियों के साथ मारपीट करना निंदनीय है, इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
भाजपा की साख पर सवाल
इस घटना ने न केवल स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि भाजपा की व्यापारी हितैषी छवि पर भी गहरा आघात किया है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और आगे की राजनीतिक कार्रवाई पर टिकी हैं।