छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘‘ऑपरेशन निश्चय’’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट एवं थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में न्यू ईयर की पार्टियों में एम.डी. ड्रग्स सप्लाई करने की फिराक में लगे एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
सिद्धार्थ चौक के पास से गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली थी कि थाना कोतवाली क्षेत्र के सिद्धार्थ चौक स्थित नरैय्या तालाब के पास एक व्यक्ति प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर खड़ा है और ग्राहक की तलाश कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली।
04 ग्राम 790 मिलीग्राम एम.डी. ड्रग्स जब्त
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 04 ग्राम 790 मिलीग्राम एम.डी. ड्रग्स तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 55,000 रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अब्दुल करीम उर्फ समीर, निवासी पाटन, जिला दुर्ग बताया।
न्यू ईयर पार्टियों में सप्लाई की तैयारी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नववर्ष के दौरान आउटर क्षेत्र के फार्म हाउसों और क्लबों में आयोजित पार्टियों में एम.डी. ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। आरोपी से जुड़े ड्रग सिंडिकेट के अन्य सदस्यों, सप्लायरों एवं ग्राहकों के संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है। दुर्ग और रायपुर के कुछ नाम भी सामने आए हैं, जिनकी पतासाजी की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 357/25, धारा 21(ए) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एंटी क्राइम यूनिट की बड़ी उपलब्धि
पिछले कुछ महीनों में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा नारकोटिक्स एक्ट के 94 मामलों में 217 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान
गांजा – 617.254 किलोग्राम
प्रतिबंधित टैबलेट – 5,329 नग
ड्रग्स – 11 ग्राम 805 मिलीग्राम
एम.डी.एम.ए. – 40 ग्राम 79 मिलीग्राम
चिट्टा – 812.4 ग्राम
कोकीन – 24 ग्राम 04 मिलीग्राम
अफीम – 02 किलो 83 ग्राम
डोडा – 3.26 किलोग्राम
सहित नगद राशि, वाहन एवं मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 85 लाख रुपये आंकी गई है।
🔴 एम.डी. ड्रग (MDMA) क्या है?
एम.डी. ड्रग को वैज्ञानिक रूप से MDMA (Methylenedioxymethamphetamine) कहा जाता है।
यह एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसे आमतौर पर एक्स्टेसी या मॉली भी कहा जाता है।
यह ड्रग दिमाग पर सीधा असर करता है, जिससे अत्यधिक उत्तेजना, झूठी खुशी, ऊर्जा और भ्रम की स्थिति बनती है।
🚨 स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव
हृदय गति और ब्लड प्रेशर का अत्यधिक बढ़ना
मानसिक संतुलन बिगड़ना, डिप्रेशन और एंग्जायटी
किडनी, लीवर और ब्रेन को स्थायी नुकसान
अधिक मात्रा में सेवन से मौत तक का खतरा
⚖️ कानूनी स्थिति
भारत में एम.डी. ड्रग एनडीपीएस एक्ट के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित है।
इसके निर्माण, बिक्री, परिवहन और सेवन पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
Tags
छत्तीसगढ़ अपडेट