बचेली–किरंदुल में बाहरी श्रमिकों का सत्यापन और शोषण का मुद्दा गरमाया।

जनता कांग्रेस (जे) ने कलेक्टर व एनएमडीसी को सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों पर उठाए गंभीर सवाल। 

दंतेवाड़ा (बचेली/किरंदुल)।
जिले के बचेली और किरंदुल क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों के पुलिस सत्यापन न होने एवं उनके कथित शोषण को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष रैमोन मड़कामी एवं संभागीय महासचिव रामनाथ नेगी ने इस संबंध में जिला कलेक्टर दंतेवाड़ा और एनएमडीसी परियोजना प्रमुख को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

🔴 सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर चिंता
कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया है कि मेसर्स कल्पतरु, एल एंड टी और एस.के. समानता जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा बाहरी राज्यों से सैकड़ों मजदूरों को बिना किसी पुलिस सत्यापन के काम पर लगाया गया है।
पार्टी का कहना है कि इन अज्ञात श्रमिकों की पहचान स्पष्ट न होने के कारण क्षेत्र में छेड़छाड़, चोरी, लूटपाट और असामाजिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल है। संगठन ने मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी बाहरी श्रमिकों का भौतिक सत्यापन एवं आधार कार्ड जांच अनिवार्य की जाए।

🔴 अंतर्राज्यीय श्रमिकों के शोषण का आरोप
एक अन्य पत्र में जनता कांग्रेस (जे) ने एनएमडीसी (बीओएम बचेली कॉम्प्लेक्स) के कार्य विभाग के अंतर्गत तैनात अंतर्राज्यीय श्रमिकों के शोषण का मुद्दा उठाया है। संगठन के अनुसार, यूपी, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से आए मजदूरों को—
समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा,
ओवरटाइम कराकर उचित पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा,
पीएफ (PF) जैसी वैधानिक सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
🔴 कानून का हवाला, दस्तावेजों की मांग
संगठन ने अंतर्राज्यीय प्रवासी श्रमिक (विनियमन एवं सेवा शर्तें) अधिनियम 1979 का हवाला देते हुए मुख्य नियोक्ता के पंजीकरण प्रमाण पत्र और संबंधित कंपनियों के लाइसेंस की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।
जनता कांग्रेस (जे) ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संबंधित कार्यों को रोककर सतर्कता विभाग (विजिलेंस) से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

🔴 एसपी को भी भेजी गई प्रतिलिपि इन ज्ञापनों की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक (एसपी) दंतेवाड़ा को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।

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