लोडिंग एरिया से सड़क तक फैला खेल—सवा 3 टन अतिरिक्त अयस्क परिवहन, जिम्मेदार मौन क्यों?
बचेली–भांसी।
बैलाडीला क्षेत्र से लौह अयस्क चोरी का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने माइनिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माइनिंग विभाग की सतर्कता के चलते भांसी इलाके में एक ओवरलोडेड ट्रक को जब्त किया गया है, जो निर्धारित क्षमता से सवा 3 टन अधिक लौह अयस्क लेकर जा रहा था।
जब्त ट्रक का क्रमांक CG 04 PP 3362 है, जो ओप्रिया रोडलाइन्स का बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि यह ट्रक किरंदुल स्थित NMDC के लोडिंग पॉइंट से ही लोड किया गया था। सवाल यह उठता है कि जब लोडिंग NMDC परिसर में हुई, तो ओवरलोडिंग कैसे और किसकी अनुमति से संभव हुई? माइनिंग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन (BTOA) से जुड़े दर्जनों ट्रक क्षमता से अधिक लौह अयस्क ढोते हुए पकड़े जा चुके हैं। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि लौह अयस्क की चोरी एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही सुनियोजित साजिश है।
❗ लोडिंग एरिया में मिलीभगत का शक
यदि लोडिंग पॉइंट पर ही गड़बड़ी हो रही है, तो यह केवल ओवरलोडिंग नहीं बल्कि सरकारी खनिज संपदा की खुली लूट मानी जाएगी।
❓ सबसे बड़ा सवाल—अब तक चुप्पी क्यों?
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि अगर ओवरलोडिंग और चोरी का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, तो
👉 जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन क्यों हैं?
👉 पहले पकड़े गए मामलों में क्या कार्रवाई हुई?
👉 क्या कुछ रसूखदारों को संरक्षण मिला हुआ है?
फिलहाल माइनिंग विभाग ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दावा किया जा रहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार कार्रवाई सिर्फ ट्रक तक सीमित रहेगी या लोडिंग एरिया में बैठे बड़े चेहरों तक भी पहुंचेगी?
बैलाडीला की पहाड़ियों से निकलने वाला लौह अयस्क अगर यूं ही चोरी होता रहा, तो यह न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान है, बल्कि पूरे सिस्टम पर एक गहरा धब्बा भी है।
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